पटना। जीएसटी दरों में कमी को लेकर कांग्रेस नेता शकील अहमद खा ने भारतीय जनता पार्टी पर करारा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भाजपा जनता को गुमराह करने वाली “बरका झूठा पार्टी” है। बिहार चुनाव को देखते हुए इनके नेता तरह-तरह के लोकलुभावन वादे कर रहे हैं—कभी कहते हैं कि 125 यूनिट बिजली फ्री मिलेगी, कभी 1100 रुपये सहायता राशि और दूसरी योजनाओं का हवाला देते हैं।
शकील अहमद खा ने तंज कसते हुए कहा कि “पहले इनको समझ नहीं आया था, अकल तो घास चरने गई थी। अब चुनाव आते ही जनता को भ्रमित करने का खेल शुरू कर दिया गया है।”
बिहार बंद पर प्रतिक्रिया
बिहार बंद को लेकर भी उन्होंने भाजपा पर निशाना साधा। खा ने कहा, “हम जब आ रहे थे, रास्ते में सैकड़ों-हजारों वाहनों की आवाजाही सामान्य रूप से जारी थी। इसका मतलब साफ है कि इस बंद का बिहार में कोई असर नहीं होने वाला है।”
भाजपा नेताओं की भाषा पर हमला
शकील अहमद खा ने भाजपा नेताओं द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा पर भी कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि,
“कभी ममता बनर्जी को ‘दीदी’ कहकर उपहास उड़ाया गया।”
“कांग्रेस को ‘विधवा’ कहने जैसी आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल हुआ।”
“50 लाख की गर्लफ्रेंड जैसी अमर्यादित बातें की गईं।”
उन्होंने कहा कि राजनीतिक जीवन में इस तरह की भाषा का इस्तेमाल लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है। “हम हमेशा मानते हैं कि किसी भी दल को अमर्यादित शब्दों का प्रयोग नहीं करना चाहिए, न कभी किया है, न करेंगे।”
डीएनए विवाद पर बयान
राजद नेता तेजस्वी यादव द्वारा मुख्यमंत्री के डीएनए पर उठाए गए सवाल पर कांग्रेस नेता ने कहा, “किसका क्या डीएनए है और उसमें क्या शामिल है, यह जनता जानती है। भाजपा को दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए।”
निष्कर्ष – शकील अहमद खा का यह बयान भाजपा पर सीधा राजनीतिक हमला माना जा रहा है। उन्होंने न केवल जीएसटी और बिहार बंद पर भाजपा की मंशा पर सवाल उठाए, बल्कि नेताओं की भाषा शैली और डीएनए विवाद को भी चुनावी मुद्दा बनाते हुए विपक्ष के सुर को और धार दी है।
Author: janhitvoice











