पटना। बिहार की राजनीति में इन दिनों बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। कैबिनेट की बैठक और महिला सशक्तिकरण योजना को लेकर राज्य सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने बड़ा बयान दिया है।
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उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार के एजेंडे और योजनाओं का निर्धारण पूरी तरह से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनकी टीम करती है।
महिला सशक्तिकरण पर सरकार का पक्ष
अशोक चौधरी ने महिला सशक्तिकरण के लिए 10 हजार रुपये की राशि दिए जाने वाली योजना का बचाव करते हुए कहा कि यह कोई चुनावी स्टंट नहीं है। उन्होंने कहा –
“यह योजना चुनाव से ठीक पहले की नहीं है, बल्कि काफी पहले से ही बनाई गई थी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सतत विकास (Sustainable Development) को ध्यान में रखते हुए महिलाओं को सशक्त बनाने का काम किया है।”
उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि जनता के अकाउंट में पैसा पहुंचाने के बाद यह सवाल करना कि सरकार पैसा वापस क्यों लेगी, महज अफवाह फैलाने और भ्रम पैदा करने की राजनीति है।
प्रशांत किशोर के आरोपों पर कड़ा जवाब
चौधरी ने प्रशांत किशोर के आरोपों का भी कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर केवल बेबुनियाद बातें कर रहे हैं।
“मैंने जहानाबाद में भी कहा था कि अगर मेरी घोषित संपत्ति के अलावा एक धुर जमीन भी कोई दिखा दे, तो मैं मरने को तैयार हूं और उसकी गुलामी भी करने को तैयार हूं। आरोप-प्रत्यारोप लगाने से मेरी राजनीतिक हत्या नहीं होगी।”
उन्होंने खुद को दलित समाज का बेटा बताते हुए कहा कि वे किसी से कम नहीं हैं और हमेशा सीना ठोक कर राजनीति करेंगे।
छात्र राजनीति से मंत्रिमंडल तक का सफर
अशोक चौधरी ने अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने छात्र जीवन से ही संघर्ष शुरू किया था।
“मैं बैनर-पोस्टर लगाते-लगाते यहां तक पहुंचा हूं। मेरी राजनीति आरोपों से नहीं रुकेगी। विपक्ष चाहे जितना भ्रम फैलाए, मैं जनता के बीच रहकर काम करता रहूंगा।”
Author: janhitvoice











