पटना, 26 मार्च 2025 – बिहार के सरकारी अस्पतालों के चिकित्सा पदाधिकारीयों का एक नया विवाद सामने आया है। भासा संगठन के हालिया फैसलों ने दंत शल्य चिकित्सकों (डेंटल सर्जन्स) और आयुष चिकित्सकों में नाराजगी की लहर दौड़ा दी है। संगठन के नए पदाधिकारियों पर वरिष्ठ चिकित्सकों को अनदेखा करने और एकतरफा फैसले लेने के आरोप लगे हैं।
क्या है मामला?
भासा संगठन द्वारा जारी नए पत्र में दंत और आयुष चिकित्सकों का कोई उल्लेख नहीं किया गया है जिससे इन चिकित्सा समुदायों में आक्रोश फैल गया। इस फैसले की कड़ी आलोचना करते हुए डेंटल हेल्थ सर्विसेज एसोसिएशन, बिहार के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. ठाकुर मुकेश सिंह चौहान ने संगठन को कड़ी चेतावनी दी है।
डॉ. चौहान ने कहा कि अगर संगठन के नए पदाधिकारी अपनी कार्यशैली में सुधार नहीं लाते और वार्ता नहीं करते, तो OPD बहिष्कार के निर्णय का विरोध किया जाएगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस कथित “वन मैन शो” को 100% विफल किया जाएगा और इस अवधि में दंत और आयुष चिकित्सक OPD संचालन करेंगे।
आने वाला कल गरम रहेगा!
दंत चिकित्सा पदाधिकारी एवं आयुष चिकित्सा पदाधिकारी दोनों मिलकर बिहार के सरकारी अस्पतालों की हर तरह की सेवा बहाल रख सकने में सक्षम है।
इस विवाद को लेकर कल प्रेस रिलीज जारी करने की भी घोषणा कर दी गई है। माना जा रहा है कि अगर संगठन में आपसी सहमति नहीं बनी, तो यह मामला और तूल पकड़ सकता है। सवाल यह है कि क्या भासा संगठन में फूट बढ़ेगी या अंदरखाने कोई हल निकलेगा? स्वास्थ्य सेवा से जुड़े मरीज और चिकित्सक दोनों ही अब इस फैसले के नतीजे का इंतजार कर रहे हैं!

Author: janhitvoice

