पटना – राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा ने 5 सितंबर को पटना के मिलर हाई स्कूल मैदान में होने वाली परिसीमन सुधार महारैली को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह रैली सिर्फ राजनीतिक हंगामे के लिए नहीं, बल्कि जनता के सवालों और संवैधानिक सुधार के मुद्दों को केंद्र में रखकर आयोजित की जा रही है।
उपेंद्र कुशवाहा का बड़ा बयान: 5 सितंबर की महारैली सिर्फ राजनीति नहीं, जनता और संविधान के सवालों पर
कुशवाहा ने स्पष्ट किया कि—
“इस रैली की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। हमें पूरा विश्वास है कि अब तक मिलर हाई स्कूल मैदान में जितनी भी रैलियां हुई हैं, यह रैली उनसे कहीं बड़ी होगी। हमारा मकसद सिर्फ हंगामा करना नहीं, बल्कि जनता के मुद्दों का समाधान निकालना है।”
5 सितंबर को क्यों चुना गया?
यह दिन ऐतिहासिक माना जाता है। जहां एक ओर देशभर में शिक्षक दिवस मनाया जाता है, वहीं इसी दिन अमर शहीद जगदेव बाबू की शहादत को भी याद किया जाता है। इसी वजह से कुशवाहा ने इस तारीख को रैली आयोजित करने का निर्णय लिया।
विपक्ष पर निशाना
कुशवाहा ने विपक्षी दलों की वोटर अधिकार यात्रा और अभियानों पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष सिर्फ हंगामा खड़ा करता है लेकिन जनता की समस्याओं का हल नहीं निकाल पाता।
अब सबकी निगाहें 5 सितंबर पर टिकी हैं कि यह महारैली कितनी भीड़ जुटा पाती है और बिहार की राजनीति पर इसका कितना असर डालती है।

