बिहार – पटना में आज मिलर स्कूल प्रांगण में राष्ट्रीय लोक मोर्चा द्वारा “संवैधानिक अधिकार परिसीमन सुधार महारैली” का भव्य आयोजन किया गया, जहाँ बिहार के विभिन्न जिलों से हजारों कार्यकर्ता जुटे।
राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद उपेंद्र कुशवाहा ने इस अवसर को शक्ति प्रदर्शन के बजाय संवैधानिक सुधार के प्रति प्रतिबद्धता का स्वरूप बताया, और लोकसभा सीटों के परिसीमन को जनसंख्या के आधार पर करने की पुरज़ोर मांग रखी।
महारैली का उद्देश्य
उपेंद्र कुशवाहा ने मंच से स्पष्ट किया कि पिछले कई वर्षों से लोकसभा सीटों का परिसीमन नहीं हुआ है, जिससे कई क्षेत्रीय असमानताओं को जन्म मिला है। उन्होंने कहा—”हम जगह-जगह इसी संवैधानिक सुधार की मांग के लिए कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं, ताकि इस विषय पर राष्ट्रीय विमर्श आगे बढ़े।”
शहीद जगदेव बाबू को श्रद्धांजलि
कार्यक्रम का आयोजन शहीद जगदेव प्रसाद की जयंती को ध्यान में रखते हुए किया गया। उपेंद्र कुशवाहा सहित सभी उपस्थित कार्यकर्ताओं ने जगदेव प्रसाद को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की, उन्हें सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों की लड़ाई का सच्चा प्रेरणास्रोत बताया गया।
राजनीतिक संदेश
उपेंद्र कुशवाहा ने सार्वजनिक मंच से जनता दल यूनाइटेड को नसीहत दी कि पार्टी को समय रहते अपने उत्तराधिकारी की रणनीति पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। दूसरी ओर, विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा—”बिहार में एनडीए पूरी तरह से एकजुट है, चुनावी मैदान में हमें कहीं से कोई चुनौती नहीं है और विपक्ष की कोई भी चाल कामयाब नहीं होगी। आने वाले चुनाव में बिहार में फिर से एनडीए की सरकार बनेगी।”
मुख्यमंत्री पर समर्थन
नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री बनने की अटूट संभावना जताते हुए कुशवाहा ने कहा कि जनता का विश्वास नीतीश जी में है, और विपक्ष के प्रयास भी इस भरोसे को डिगा नहीं सकते।
तेजस्वी यादव पर तंज
समाजवादी नेता तेजस्वी यादव की गतिविधियों पर कटाक्ष करते हुए उपेंद्र कुशवाहा ने कहा, “गंगा किनारे डांस कर के उनकी नेता वाली छवि को नुकसान पहुंच रहा है। उन्हें चाहिए कि वे जिम्मेदार नेता की तरह व्यवहार करें और लोगों के बीच अपनी साख बनाए रखें।”
लोकसभा चुनाव का विश्लेषण
एलएनडीए गठबंधन की पिछली गलतियों की तरफ इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में कुछ रणनीतिक चूकें हुई थीं, जिससे सीटों का नुकसान हुआ। इस बार ऐसी कोई गलती नहीं दोहराई जाएगी।
अंत में उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे पूरी ताकत के साथ एनडीए के प्रत्याशियों को जिताएं और बिहार में नीतीश कुमार को फिर से मुख्यमंत्री बनाएं।
यह महारैली बिहार के राजनीतिक और सामाजिक बदलाव की ओर प्रतिबद्धता दर्शाती है, जिसमें जनसंख्या के आधार पर संवैधानिक परिसीमन को लेकर बड़ी मांग की गई तथा क्षेत्रीय और सामाजिक न्याय को केंद्र में रखा गया।
Author: janhitvoice











