उपेंद्र कुशवाहा ने जातीय जनगणना के आंकड़े पर कहा है कि इसमें बढे पैमाने पर फर्जीवाड़ा हुआ है, खास करके कमजोर समाज के लोग जिसमें मछुआरा माला कानून ऐसे कई कमजोर समाज के लोग हैं उनके यहां से फोन आ रहा है कि मेरे यहां तो कोई पूछने ही नहीं आया कि आप किस जाती से है? इन कमजोर वर्ग के लोगों के मन में यह भी शंका है कि किसी जात विशेष को ज्यादा बढ़ाकर हम लोगों के जात को कमजोर दिखाने के लिए कम आंकड़ा बनाना इनका उद्देश्य रहा है, इस तरह से इन कमजोर वर्ग के लोगों के मन में एक भय का वातावरण बन गया है ,मुख्यमंत्री पर इन लोगों का विश्वास था जो टूट चुका है, राजद के लोगों पर इनका विश्वास तो पहले भी कम था, इसलिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से आग्रह है कि इसमें सुधार कर फिर से आंकड़ा को लोगों के सामने लाया जाए, उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि मुझे नहीं पूछा गया इसलिए आक्र काम है वैसे और कई कमजोर वर्ग के लोगों से नहीं पूछा गया जिसके कारण उनके आंकड़े कम दिखाए गए हैं,

Author: janhitvoice

