पटना। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का आज एक बड़ा बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा।
तेजस्वी ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा आधार कार्ड को लेकर दिए गए आदेश का स्वागत किया और इसके लिए न्यायपालिका तथा मीडिया का विशेष रूप से आभार प्रकट किया।
तेजस्वी यादव ने कहा – “हम लोग लगातार कह रहे थे कि आधार कार्ड को मानिए। चुनाव आयोग नहीं मान रहा था। हम न्यायालय को लख-लख धन्यवाद देते हैं कि उनका आदेश आया और चुनाव आयोग को भी मानना पड़ा। मीडिया ने भी इसे लगातार दिखाया, उसका भी आभार।”
उन्होंने साफ कहा कि अब चुनाव आयोग को आधार कार्ड को लेकर न्यायालय के आदेशों का पालन करना ही पड़ेगा, जो लोकतंत्र और पारदर्शी चुनाव व्यवस्था के लिए एक बड़ा कदम है।
उपराष्ट्रपति धनखड़ की अनुपस्थिति पर उठाए सवाल
तेजस्वी यादव ने उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की अनुपस्थिति को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े किए। उन्होंने पूछा कि आखिर उपराष्ट्रपति कहां हैं और उनकी सेहत की जानकारी क्यों साझा नहीं की जा रही।
तेजस्वी ने कहा – “सबसे बड़ी बात यह है कि धनकड़ साहब कहां हैं? क्या उन्हें हाउस अरेस्ट कर लिया गया है? उनका हेल्थ बुलेटिन तक क्यों जारी नहीं हो रहा है? वो बीमार थे या बीमार कर दिए गए?”
उनका यह बयान केंद्र सरकार पर सीधा हमला माना जा रहा है।
महिलाओं और युवाओं से संवाद जारी
तेजस्वी यादव ने बताया कि उनकी पार्टी लगातार महिलाओं और युवाओं से जुड़ने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि मां बहन सम्मान योजना के तहत महिलाओं से फॉर्म भरवाए जा रहे हैं और युवाओं से भी संवाद का फॉर्म लिया जा रहा है।
उन्होंने कहा – “हम लोग महिलाओं से मां बहन सम्मान योजना का फॉर्म भरा रहे हैं। युवाओं से भी संवाद का फॉर्म लिया जा रहा है। हमारी सरकार आएगी तो दोनों को फायदा देंगे। इसमें कौन-सा गलत काम है? अगर सरकार हमारे कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करेगी तो हम डरने वाले नहीं हैं। अधिकारियों को भी कह देता हुं , अगर ज़्यादा करेंगे तो कोर्ट में घसीटेंगे।”
गीदड़ -भभकी से नहीं डरेंगे
तेजस्वी यादव ने यह भी साफ कर दिया कि सरकार की गीदड़-भभकी से वे डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने दोहराया कि आने वाले वक्त में उनकी पार्टी महिलाओं और युवाओं के लिए बड़े फैसले लेने को तैयार है और इसके लिए कार्यकर्ताओं का मनोबल किसी भी हालत में गिरने नहीं दिया जाएगा।
कुल मिलाकर, तेजस्वी यादव का यह बयान एक ओर चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर स्वागत है, वहीं दूसरी ओर सरकार को सीधा संदेश भी कि विपक्ष अब और आक्रामक रुख में है।
Author: janhitvoice











