Breaking news/ पटना। बिहार की राजनीति में आज एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला जब नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को सियासी तौर पर एक बड़ा झटका देने के बजाय, उल्टा नीतीश कुमार और चिराग पासवान को ही बड़ा झटका लगा।
तेजस्वी यादव की मौजूदगी में कई प्रभावशाली नेता और उनके परिजन राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) की सदस्यता ग्रहण कर लिए।
सबसे पहले पूर्णिया के पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा, बांका के जेडीयू सांसद गिरधारी यादव के बेटे चाणक्य प्रकाश, जहानाबाद के पूर्व सांसद जगदीश शर्मा के बेटे और पूर्व विधायक राहुल शर्मा, तथा वैशाली के अजय कुशवाहा आरजेडी में शामिल हुए।
तेजस्वी यादव ने इस मौके पर कहा कि —
राजद का दरवाजा उन सभी के लिए खुला है जो बिहार के विकास और सामाजिक न्याय की राजनीति में विश्वास रखते हैं। आज का दिन इस बात का संकेत है कि नीतीश कुमार की जमीन खिसक चुकी है और जनता अब बदलाव चाहती है।
संतोष कुशवाहा बोले — नीतीश की जमीन खिसक चुकी है
पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा ने आरजेडी की सदस्यता ग्रहण करते हुए कहा —
मैंने लालू प्रसाद यादव की विचारधारा से प्रेरित होकर राजद की सदस्यता ली है। लालू यादव गरीबों के सच्चे नेता हैं और तेजस्वी यादव एक ऊर्जावान युवा नेता हैं। नीतीश कुमार की जमीन अब उनके हाथ से निकल चुकी है। जनता दल यूनाइटेड को तीन लोगों ने गिरवी रख दिया है और मुख्यमंत्री को अंधेरे में रखकर सभी राजनीतिक फैसले लिए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में जेडीयू का नामोनिशान मिट जाएगा।
चाणक्य प्रकाश का बयान — इस बार सरकार तेजस्वी की बनेगी
गिरधारी यादव के बेटे चाणक्य प्रकाश ने कहा —
इस बार बिहार की जनता ने मन बना लिया है। तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री बनेंगे और हर बेरोजगार को नौकरी मिलेगी। युवा वर्ग तेजस्वी यादव के साथ मजबूती से खड़ा है।
राहुल शर्मा ने कहा — युवा राजनीति का नया अध्याय
पूर्व विधायक राहुल शर्मा ने कहा कि तेजस्वी यादव के नेतृत्व में बिहार की राजनीति में नया अध्याय शुरू हो चुका है।
हम आरजेडी में इसलिए आए हैं क्योंकि यहां विचारधारा और जनहित की राजनीति होती है। तेजस्वी जी में वह काबिलियत है जो बिहार को एक नई दिशा दे सकती है।
राजनीतिक हलचल तेज
इन बड़े नेताओं के आरजेडी में शामिल होने के बाद जेडीयू और लोजपा (रामविलास) दोनों दलों में खलबली मच गई है। यह माना जा रहा है कि 2025 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले आरजेडी की यह रणनीति नीतीश कुमार और चिराग पासवान दोनों के लिए बड़ा झटका साबित होगी।
तेजस्वी यादव ने कहा कि —
हम किसी के खिलाफ नहीं, बल्कि बिहार के हक में राजनीति कर रहे हैं। जो लोग जनता के अधिकारों के लिए लड़ना चाहते हैं, वे हमारे साथ आएं।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, इन नेताओं के आने से राजद का प्रभाव सीमांचल और मगध क्षेत्र में और मजबूत होगा। वहीं जेडीयू के लिए यह संकेत है कि पार्टी के भीतर असंतोष गहराता जा रहा है।
Author: janhitvoice











