बिहार के नियोजित शिक्षकों ने सक्षमता परीक्षा को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है।
बिहार के लाखों नियोजित शिक्षक बिना शर्त राज्य कर्मचारी का दर्जा देने और सक्षमता परीक्षा की अनिवार्यता खत्म करने की मांग पर अड़े हुए हैं. 26 फरवरी को होने वाली सक्षमता परीक्षा का शिक्षकों ने विरोध शुरू कर दिया है।
पटना में हुई आज शाम को राज्यस्तरीय बैठक में फिर से बिहार सरकार को चेतावनी दिया है तथा 48 घंटा का अल्टीमेट भी दे दिया है कि यदि 48 घंटे के अंदर बिहार के शिक्षा मंत्रालय के द्वारा अगर कोई सकारात्मक पहल नहीं की जाती है तो पूरे बिहार में नियोजित शिक्षक सक्षमता परीक्षा के एडमिट कार्ड को जलाकर इस सक्षमता परीक्षा का बहिष्कार करेंगे।
वही आज आनंद कौशल तथा प्रमोद कुमार सिंह आदि शिक्षक नेताओं के साथ राज्य स्तरीय मीटिंग में यह निर्णय लिया गया। इस दौरान शिक्षक नेताओं ने कहा कि बिहार बोर्ड भी गलत आंकड़ा पेश कर शिक्षकों से अनुरोध कर रही है कि वह सक्षमता परीक्षा का फॉर्म भरे। यह गलत आंकड़ा प्रस्तुत कर और निवेदन करके अपने आप को क्या साबित करना चाहती है। वही आनंद कौशल तथा अन्य नेताओं ने शिक्षकों से अनुरोध किया कि यह लड़ाई उनके भविष्य की है। लोकतंत्र की लड़ाई है। इस तरह से बेरहमी सरकार हमें कुचल नहीं सकती। इस बार हमें इस आंदोलन को एकजुटता के साथ, साथ देना होगा तथा कल 25 फरवरी को पूरे बिहार के नियोजित शिक्षक अपने एडमिट कार्ड को जलाकर पूरे राज्य में यह मिसाल कायम करेंगे।

Author: janhitvoice

