पटना स्थित कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय सदाकत आश्रम में 26 अक्टूबर को श्रीकृष्ण सिंह की 136 वीं जयंती समारोह का आयोजन किया गया था । इस जयंती समारोह में कांग्रेस के तमाम बड़े नेता मौजूद थे। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव बतौर मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे। लालू ने इस समारोह का उद्घाटन किया था लेकिन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उपस्थित नहीं हुए थे।
उठ रहे सवालों को लेकर कांग्रेस ने सफाई दी है। प्रदेश कार्यालय में पार्टी के विधान पार्षद प्रेमचंद्र मिश्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री को न्योता दिया गया था लेकिन अपने पूर्व कार्यक्रम की व्यस्तता के कारण वे श्री कृष्ण सिंह की जयंती में नहीं आ पाए थे। प्रेमचंद मिश्रा ने कहा कि अब मुख्यमंत्री हर जगह तो नहीं जा सकते हैं।
वही मंत्री अशोक चौधरी के बयान को लेकर कांग्रेस ने नसीहत दी है। कहा कि हम किसे बुलाये किसे ना बुलाये ये हमारा विषय है। अशोक चौधरी को जदयू की बात करनी चाहिए कांग्रेस की नही। कांग्रेस नेता प्रेमचंद्र मिश्रा ने लालू यादव की तुलना श्री कृष्ण सिंह से की है।
सदाकत आश्रम में श्री कृष्ण सिंह की जयंती मनाने पर बीजेपी नेता सुशील मोदी के बयान की निंदा करते हुए कहा कि लालू प्रसाद बिहार के बड़े नेता है, समाजिक न्याय, धर्म निरपेक्षता के पुरोधा हैं।
वही बीजेपी नेता सुशील कुमार मोदी पर कांग्रेस नेता ने कहा कि बीजेपी अपने पुरखों का सम्मान नहीं करती है। श्री कृष्ण सिंह के विचारों के ठीक विपरीत आचरण करती हैं।
बिहार में आज उद्योग के नाम पर जो कुछ पूंजी बची हुई है वह श्री कृष्ण सिंह के कार्यकाल का ही हैं। प्रेमचंद मिश्रा ने कहा कि सुशील मोदी नीतीश जी के आगे पीछे करके उपमुख्यमंत्री बन गए थे और अब अपनी राजनीतिक उपयोगिता को प्रकट करने के लिए सुशील मोदी रोज अनाप-शनाप बयान देते हैं। वही प्रेमचंद्र मिश्रा ने कहा कि भाजपा के लोग गोडसे वादी है।
तो कांग्रेस ने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की तुलना कृष्ण से की है।

Author: janhitvoice

