शिक्षा व्यवस्था की सेहत सुधारने के लिए शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक शुक्रवार को अचानक गया डायट पहुंच गये। वहां पहुंचते ही वह विद्यालय का निरीक्षण करने लगे और फिर डायट के प्रिंसिपल को बुलाकर उनकी जमकर क्लास लगा दी। उन्होंने प्रिंसिपल से पूछा कि विद्यालय में कमरे और छात्र से ज्यादा तो शौचालय हैं,ऐसा क्यों ? प्रिंसिपल ने कहा कि पितृपक्ष मेला के दौरान तीर्थयात्रियों को ठहरने की यहां व्यवस्था की गई थी, उसी दौरान शौचालय का निर्माण कराया गया था। प्रिंसिपल के इस जवाब पर के के पाठक ने कहा कि पितृपक्ष मेला कब का खत्म हो चुका है इसलिए इन अतिरिक्त शौचालयों को यहां से हटवाईए।
कम से कम कंप्यूटर पर नाम लिखना ही सीखा दीजिये
विद्यालय का निरीक्षण करने के क्रम में के के पाठक छात्रों के लिए बने कंप्यूटर लैब कक्ष में भी पहुंच गये। कंप्यूटर कक्ष में खाली पड़े कंप्यूटर को देखते ही वह भड़क गये और प्रिंसिपल डॉ अजय कुमार शुक्ला को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने प्रिंसिपल से पूछा कि बच्चे कहां हैं..?बच्चे कब आते हैं? बच्चे साल में एक बार पढ़ने आते हैं क्या..? आज किसलिए छुट्टी है? स्टूडेंट कब आते हैं? फिर कहा कि यह तो बताओ कि कहां है रजिस्टर या कंप्यूटर लैब में पढ़ते हुए बच्चों का फोटो है तो दिखाओ। सभी 40 के 40 कंप्यूटर खाली पड़े हैं। के के पाठक ने प्रिंसिपल को नसीहत देते हुए कहा कि कम से कम एक दिन भी पढ़ा दिया कीजिए, बच्चों को कंप्यूटर पर नाम लिखना ही सीखा दीजिए। इस मौके पर वहां गया के जिलाधिकारी डॉ त्याग राजन एसएम, आरडीडी और जिला शिक्षा पदाधिकारी सहित कई अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। केके पाठक क्लास रूम और कंप्यूटर कक्ष का निरीक्षण करने के बाद डायट के प्रिंसिपल को कहा कि विद्यालय के आसपास लगे जंगलों को साफ़ करवाईये। उन्होंने कहा कि फिलहाल विद्यालय की स्थिति सुधारिए जहां बच्चे पढने आते हैं।