Breaking news/ पटना। बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने आज पटना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्र की बीजेपी सरकार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर जमकर निशाना साधा।
उन्होंने हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश पर हुए हमले की निंदा करते हुए कहा कि यह केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला है।
राजेश राम ने कहा कि देश में ऐसी घटनाएं तब होती हैं जब सत्ता में बैठे लोग दलितों और कमजोर वर्गों की आवाज़ दबाने का प्रयास करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी और RSS की गठजोड़ वाली सरकार में “दलितों और पिछड़ों के लिए कोई स्थान नहीं बचा है।”
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने इस मौके पर यह भी कहा कि पार्टी आने वाले विधानसभा चुनावों में महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व देगी। उन्होंने बताया कि कांग्रेस अपने टिकट वितरण में महिलाओं की भागीदारी को प्राथमिकता देगी ताकि राज्य में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा दी जा सके।
दीपिका पांडेय सिंह का तीखा वार
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद झारखंड की मंत्री और कांग्रेस नेता दीपिका पांडेय सिंह ने भी बीजेपी और जेडीयू सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “करोड़ों की सौगात” की घोषणाएं सिर्फ चुनाव के समय की राजनीति होती हैं, जिसका जनता को कोई वास्तविक लाभ नहीं मिलता।
दीपिका पांडेय सिंह ने बिहार सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि “राज्य आज भी गरीबी और बेरोजगारी से जूझ रहा है, जबकि सरकार सिर्फ चुनावी वादों और फोटो खिंचवाने में व्यस्त है।” उन्होंने नीतीश कुमार और बीजेपी पर आरोप लगाया कि ये दोनों दल “महिलाओं को सिर्फ वोट बैंक की तरह देखते हैं, न कि विकास की धुरी के रूप में।”
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य की सरकारें चुनाव से पहले ‘लॉलीपॉप योजना’ लाती हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही जनता को उसके हाल पर छोड़ देती हैं।
कांग्रेस ने दिए संकेत – “महिलाओं और युवाओं को मिलेगी प्राथमिकता”
राजेश राम ने कहा कि कांग्रेस इस बार एक नए मिशन पर काम कर रही है — “जनता से संवाद और संवेदना।” उन्होंने कहा कि बिहार में पार्टी उन मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएगी जो लोगों के जीवन से सीधे जुड़े हैं — जैसे रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सुरक्षा।
उन्होंने विश्वास दिलाया कि कांग्रेस बिहार में युवा नेतृत्व और महिला भागीदारी को बढ़ावा देगी और संगठन को मजबूत करने के लिए बूथ स्तर तक नई ऊर्जा भरेगी।
कांग्रेस की इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को आगामी बिहार विधानसभा चुनावों के लिहाज़ से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी नेतृत्व जहां दलितों और महिलाओं के मुद्दों को उभारने की रणनीति पर काम कर रहा है, वहीं बीजेपी और जेडीयू पर हमले तेज़ कर दिए गए हैं।
राजेश राम और दीपिका पांडेय सिंह के बयान से यह साफ है कि कांग्रेस बिहार में समाज के हाशिये पर खड़े तबकों को साधने की कोशिश में जुटी है — और यह प्रेस कॉन्फ्रेंस उसी अभियान का हिस्सा है।
Author: janhitvoice











