पटना (बिहार समाचार)- केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने तेजस्वी यादव की सभा में पीएम मोदी की मां को दी गई गाली की कड़ी निंदा की।
उन्होंने कहा कि विपक्षी दल घबराहट में हैं और उन्होंने अपने राजनीतिक पतन का गड्ढा खोद लिया है।
रोहिणी आचार्य और संजय यादव के विवाद को मांझी ने ‘दिखावे का नाटक’ बताया।
पटना: – केंद्रीय मंत्री और ‘हम’ संरक्षक जीतन राम मांझी ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की एक सभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की माँ को कथित तौर पर गाली दिए जाने की घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
उन्होंने इसे ‘नीचता की पराकाष्ठा’ बताते हुए कहा कि विपक्षी दल घबराहट में ऐसी हरकतें कर रहे हैं और जनता इसका जवाब 2025 के विधानसभा चुनाव में देगी।
मांझी ने कहा, “यह सभी लोग घबरा चुके हैं, इसलिए यह गाली बक रहे हैं। इन्होंने नीचता की सीमा को पार कर लिया है।
लोकतंत्र में ऐसी बातों का कोई स्थान नहीं है।” उन्होंने तेजस्वी यादव और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, “अगर तेजस्वी यादव को लगता है कि यह गलत हुआ है, तो उन्हें माफी मांगनी चाहिए थी। कांग्रेस ने भी इस वीडियो पर माफी नहीं मांगी। ये निर्लज्ज लोग हैं।”
उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि इस तरह की अभद्र भाषा का प्रयोग करके इन लोगों ने अपने राजनीतिक पतन का गड्ढा खुद खोद लिया है, जिसमें वे निश्चित रूप से गिरेंगे।
रोहिणी-संजय विवाद को बताया ‘नाटक’
वहीं, लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य द्वारा राजद सांसद संजय यादव के तेजस्वी यादव की सीट पर बैठने पर सवाल उठाने के मामले पर भी जीतन राम मांझी ने अपनी राय रखी। उन्होंने इस पूरे प्रकरण को एक ‘नाटक’ करार दिया।
मांझी ने कहा, “ये सभी लोग एक हैं, बस दिखावे के लिए नाटक कर रहे हैं। सब अंदर से एक साथ हैं।” उनके इस बयान ने राजद के आंतरिक मामलों पर भी एक नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है।
Author: janhitvoice











