Bihar – पटना — सिखों के नौवें गुरु, गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत पटना साहिब के तख्त श्री हरमंदिर गुरुद्वारा में बड़े धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर देश-विदेश से हजारों की संख्या में सिख श्रद्धालु पटना पहुंचे और गुरु जी को नमन किया।
बुधवार को गुरु के बाग से भव्य जागृति यात्रा निकाली गई, जो नौ राज्यों से होकर गुजरेगी। इस यात्रा का उद्देश्य गुरु तेग बहादुर जी की शहादत और उनके संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है।
कार्यक्रम में बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल भी शामिल हुए।
तख्त श्री हरमंदिर प्रबंधन कमेटी के अध्यक्ष जगजोत सिंह सोही ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी का बलिदान इतिहास के पन्नों में सुनहरे अक्षरों से लिखा गया है। उन्होंने कहा कि गुरु जी ने अपने धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए प्राणों की आहुति दी थी। उनकी शहादत पूरी दुनिया को यह संदेश देती है कि अत्याचार सहन करना उचित नहीं है।
प्रबंधन कमेटी के महासचिव इंद्रजीत सिंह ने बताया कि मुगल सम्राट औरंगजेब द्वारा जब जबरन धर्मांतरण कराया जा रहा था, उस समय गुरु तेग बहादुर जी ने अपने प्राणों की आहुति देकर धर्म की रक्षा की थी। उनकी शहादत ने समाज को अन्याय के खिलाफ डटे रहने की प्रेरणा दी है।
इस मौके पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा, “गुरु तेग बहादुर जी ने अपने बलिदान से भारत की संस्कृति और परंपरा को बचाया है। हम उन्हें शत-शत नमन करते हैं और कामना करते हैं कि उनका आशीर्वाद बिहार को भी खूब तरक्की करने का मार्ग दे।”
वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा, “सिख समुदाय का इतिहास शहादत का इतिहास है। अगर गुरु तेग बहादुर जी ने अपनी कुर्बानी नहीं दी होती, तो हिंदुओं का आज अस्तित्व बचा रहना संभव नहीं होता। उनका बलिदान हमारी सभ्यता और संस्कृति की रक्षा का आधार है।”
शहादत के 350 वर्ष पूरे होने पर आयोजित यह कार्यक्रम न केवल सिख समुदाय के लिए बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत बना। श्रद्धालुओं ने गुरु जी को नमन कर उनके संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

