किडनी की समस्या – प्रारंभिक लक्षणों को जानें
किडनी फेलियर एक गंभीर स्थिति है, जिसमें किडनी अपना काम सही से करना बंद कर देती हैं। शुरुआती लक्षण अक्सर नजर नहीं आते, लेकिन कुछ संकेत ऐसे होते हैं जिन्हें तुरंत पहचानना जरूरी है।
गुर्दे रक्त से अतिरिक्त पानी, विषैले पदार्थ और अपशिष्ट का निस्सारण करते हैं। जब गुर्दे ठीक से काम नहीं करते, तो यह गुर्दे की विफलता कहलाती है। प्रारंभिक पहचान जीवन रक्षक हो सकती है।
शुरुआती लक्षण
मूत्र संबंधी परिवर्तन
• रात्रि में बार-बार पेशाब आना
• पेशाब का रंग गहरा, झागदार या खून जैसा होना
सूजन (एडीमा)
• टखनों, पैरों, हाथों या आंखों के आसपास सूजन
• गुर्दे जब प्रोटीन खो देते हैं तो शरीर में तरल का संचय बढ़ता है
मतली और उल्टी
• बढ़ते विषाक्त पदार्थ भूख और पेट की सेहत पर असर डालते हैं
• भोजन में रुचि कम होना और मुँह में धात्विक स्वाद आना
खुजली और सूखी त्वचा
• खनिज असंतुलन और अपशिष्ट संचय से लगातार खरोंच का मन करना
• कई बार अन्य लक्षणों की तुलना में पहले नजर नहीं आता
थकान और कमजोरी
• गुर्दा एरिथ्रोपोइटिन हार्मोन बनाना कम कर देता है, जिससे एनीमिया होता है
• शरीर में विषाक्त पदार्थ ऊर्जा को प्रभावित करते हैं
कब डॉक्टर से मिलें
उपरोक्त किसी भी लक्षण का लगातार दो सप्ताह से अधिक दिखना
पारिवारिक इतिहास में गुर्दे की समस्या होना
उच्च रक्तचाप या मधुमेह जैसे जोखिम कारक होने पर नियमित जांच
आवश्यक परीक्षण
ईजीएफआर (eGFR) ब्लड टेस्ट
यूरिन एल्ब्यूमिन-क्रिएटिनिन अनुपात (uACR)
क्रीएटिनिन और नाइट्रोजन युक्त यूरीया (BUN)
रोकथाम और देखभाल
संतुलित आहार: नमक और प्रोटीन नियंत्रित मात्रा में लें
पर्याप्त पानी पियें और निर्जलीकरण से बचें
रक्तचाप और शुगर नियंत्रण में रखें
धूम्रपान और अत्यधिक शराब से दूर रहें
नियमित व्यायाम और वजन प्रबंधन
गुर्दे की विफलता के शुरुआती लक्षणों को पहचानकर समय पर इलाज शुरू करना जीवन की गुणवत्ता बेहतर करता है। स्वस्थ आदतें और समय पर जांच आपको सुरक्षित रख सकते हैं।
Dr S K Vidyarthi

