पटना: पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान ईजाद हुआ खेला होबे शब्द का जलवा इन दोनों बिहार की राजनीति में देखने को मिल रहा है।
और यह बिहार की राजनीति में दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है।
उन दिनों पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने चिर परिचित अंदाज में खेला होबे शब्द से भाजपा पर करारा प्रहार किया था और चुनाव में अपनी जीत दर्ज की थी। परंतु बिहार में इसका उल्टा हो रहा है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जब महागठबंधन से पाला बदला और एनडीए के साथ अपनी नई सरकार बनाई तब सरकार में डिप्टी सीएम की भूमिका में रहे तेजस्वी यादव ने बड़ा बयान दिया और कहा कि अभी तो खेला शुरू हुआ है। तेजस्वी यादव के बयान ने खूब सुर्खियां बटोरी और ऐसा लगा मानो नीतीश सरकार फ्लोर टेस्ट के दौरान अपना विश्वास मत खो देगी। उसके बाद बिहार की राजनीति में कोहराम मचा रहा । सभी दलों के नेता अपने-अपने विधायकों पर शिकंजा कसने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ा लेकिन अंतत तेजस्वी का दाव उल्टा पड़ गया और उनके ही विधायक टूट गए।
जब बीते 12 फरवरी को फ्लोर टेस्ट हुआ तब राजद के तीन विधायक चेतन आनंद, नीलम देवी और प्रहलाद यादव जदयू के खेमे में सदन में आ बैठ। जिससे पता चल गया कि तेजस्वी खेल नहीं कर पाए बल्कि जदयू ने ही उनके साथ खेल कर दिया। हालांकि तेजस्वी ने भी बिहार की राजनीति में नीतीश को मार देने के लिए खेला का इंतजाम किया था लेकिन वह सफल नहीं हो पाए। तेजस्वी ने भी जदयू के एक विधायक और भाजपा के दो विधायकों को तोड़ने की कोशिश की लेकिन अंत समय में उनका यह गेम प्लान फेल हो गया। खास बात यह है कि बिहार में खेला का दावा एक बार फिर उल्टा पड़ा है जिसके तहत कांग्रेस के दो विधायक और राजद के एक विधायक इस बार भाजपा के खेमे में चले आए हैं।
पहले जदयू ने महागठबंधन को तोड़ा तो इस बार भाजपा ने भी महागठबंधन के साथ खेल कर दिया। कांग्रेस के दो विधायक सिद्धार्थ सौरभ और मुरारी गौतम के अलावे राजद की एक विधायक संगीता देवी भाजपा के खेमे में आ गई है जिसे यह पता चलता है कि खेला करने में महा गठबंधन पर एनडीए गठबंधन अभी हो गया है। कहा तो अब यह भी जा रहा है महा गठबंधन के कई और विधायक टूटकर एनडीए गठबंधन में शामिल होंगे।
हालांकि अभी यह दावा भविष्य के अघर में है लेकिन जिस प्रकार से तेजस्वी ने मीडिया में आकर बड़े दावे किए थे उसकी तो हवा निकल गई और उनका दाव उल्टा पड़ रहा है।
हालांकि इस बीच तेजस्वी यादव के खास माने जाने वाले पार्टी के राज्यसभा सांसद और प्रवक्ता मनोज झा निकाल कर बाहर आए हैं और एक वीडियो जारी कर कहा है कि जिन लोगों ने भी पार्टी के खिलाफ बगावत की है उनके विरुद्ध करवाई की जाएगी इससे साफ है कि जो भी विधायक पार्टी से बगावत की है उनकी सदस्यता जा सकती है मनोज झा ने साफ कहा है कि उनकी सदस्यता खत्म करने के लिए उनकी पार्टी सदन में मांग करेगी जरूरत पड़ने पर कानून का भी सहारा लिया जा सकता है। अब सवाल उठता है कि क्या बिहार की राजनीति एक नए मोड़ पर आकर खड़ी हो गई है क्या आने वाले चुनाव में और भी बड़ा खेल होगा और सह मात का खेल कब तक चलता रहेगा और कौन कितना किस पर भारी पड़ेगा यह देखना दिलचस्प होगा।

Author: janhitvoice

