Patna- बिहार में लोकसभा चुनाव 2024 की सरगर्मियां तेज हो गई है। तमाम पार्टियां अपने उम्मीदवारों को साधने के लिए बैठकें और रणनितियां बना रही है। लेकिन इस बीच जदयू के बड़बोले विधायक गोपाल मंडल अपने बड़बोलेपन से बाज नहीं आ रहे हैं। गोपाल मंडल का दावा है कि वह भागलपुर के मजबूत दावेदार हैं। उनकी बातों से ऐसा लगता है की पार्टी चाहे जो रणनीतियां बना ले लेकिन गोपाल मंडल अपने दावेदारी से पीछे नहीं हटेंगे। हद तो तब हो गई जब गोपाल मंडल बुधवार को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी से मुलाकात कर ली। मुलाकात के बाद जब बाहर निकले तो पत्रकारों ने घेरा तब गोपाल मंडल ने फिर कहा कि आप लोग समझ नहीं रहे हैं लेकिन मैं भागलपुर से चुनाव लड़ूंगा ही, इसके लिए चाहे जो हो जाए। उन्होंने यहां तक कह दिया की टिकट तो अपने पॉकेट में लेकर चलते हैं लेकिन जब उनसे पूछा गया कि आपका नेता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार है तो आप यह बात कैसे कह सकते हैं तब उन्होंने कहा कि मेरी बातें हो चुकी है यानी गोपाल मंडल को पार्टी के निर्णय आने से पहले ही अपने दावेदारी पर पूरा भरोसा है। लेकिन गोपाल मंडल मीडिया में यह बयान देकर पार्टी के फैसलों को चुनौती दे रहे हैं। यह अलग बात है कि पार्टी उनके बयानों का नोटिस अभी तक नहीं ली है लेकिन यह जदयू के आला कमान के लिए गंभीर साबित हो सकती है क्योंकि अभी एनडीए सरकार की ओर से दोनों घटक दल भाजपा और जदयू पार्टी उम्मीदवारों के चयन के लिए रणनीतियां बना रही है उसे पहले ही गोपाल मंडल की यह दावेदारी एनडीए और जदयू दोनों के लिए गले की फांस बन सकती है । हालांकि कहां यह जाता है कि गोपाल मंडल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के काफी ग़रीबी है और यही कारण है कि इससे पहले भी जितनी बार उन्होंने पार्टी लाइन से अलग हटकर बयान दी परंतु उन पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकती है परंतु आज जब उन्होंने भाजपा के नेताओं से मुलाकात की है तो निश्चित तौर पर यह जदयू के लिए चिंता विषय हो सकता है। जाहिर तौर पर अगर गोपाल मंडल इस तरह से दावेदारी पेश करते आ रहे हैं तो पार्टी के अंदर अन्य नेता भी गोपाल मंडल के दावेदारी से नाखुश हो सकते हैं वहीं दूसरी तरफ दूसरे नेता उनके समर्थन में आ गए तो पार्टी को लेने के देने पड़ सकते हैं।

Author: janhitvoice

