द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को पटना में आयोजित समारोह में चौथे कृषि रोडमैप का लोकार्पण किया। यह रोडमैप अगले पांच साल तक लागू रहेगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस मौके पर कहा कि अब बिहार को पांचवें कृषि रोडमैप की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसमें 1.63 लाख करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है। इससे किसानों की आय और बढ़ेगी..
चौथे कृषि रोडमैप का शुभारंभ करने के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि बिहार को हर सेक्टर में विकास का रोड मैप बनाकर काम करना होगा। मानव निर्मित संकीर्णता से बाहर आकर समेकित विकास की जरूरत है। राज्य के नीति निर्धारक लोगों को विकास के रोड मैप के लिए पहल करनी होगी।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि चतुर्थ रोडमैप को लॉन्च करने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आई हैं। वे प्रथम राष्ट्रपति डॉ. रा अगला प्रसाद की धरती पर आई हैं।
यह बिहारवासियों के लिए गर्व का हैं। सीएम ने कहा कि 2008 में कृषि रोडमैप की शुरुआत हुई थी। तब से लेकर अब तक धान, गेहूं, मक्का, आलू जैसी फसलों की उत्पादकता बढ़ी है। किसानों की आय बढ़ी है। पांच कृषि कर्मण पुरस्कार राज्य को मिले हैं।
सीएम नीतीश ने आगे कहा कि इसके बावजूद जो कमियां रह गई हैं उन्हें चौथे कृषि रोडमैप में निहित किया जाएगा। इसके लिए 1 लाख 63 हजार करोड़ दिए गए हैं। इससे किसानों की आय और बढ़ेगी। कृषि ही नहीं पशुपालन, बिजली, सिंचाई के लिए भी इसे लागू किया जा रहा है। चौर क्षेत्र का विकास किया जा रहा है।

Author: janhitvoice

