दिल्ली से बड़ी खबर — देश ने नया उपराष्ट्रपति चुन लिया है। एनडीए (NDA) उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन ने विपक्षी गठबंधन INDIA के प्रत्याशी बी. सुदर्शन रेड्डी को कड़े मुकाबले में पराजित कर दिया। राधाकृष्णन ने 152 वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की।
चुनाव परिणाम के अनुसार, सीपी राधाकृष्णन को कुल 452 वोट मिले ,बी. सुदर्शन रेड्डी को 300 वोट प्राप्त हुए, कुल 767 वोट डाले गए, जिनमें से 752 वैध और 15 अवैध पाए गए।
इस तरह एनडीए उम्मीदवार राधाकृष्णन ने विपक्ष को करारा झटका देते हुए अपनी जीत सुनिश्चित की।
उम्मीदवारों का परिचय
68 वर्षीय सीपी राधाकृष्णन को भाजपा और एनडीए की ओर से उम्मीदवार बनाया गया था। वे लंबे समय से राजनीति में सक्रिय हैं और पार्टी संगठन के साथ-साथ सामाजिक कार्यों में भी उनकी गहरी पकड़ है। दूसरी ओर, 79 वर्षीय बी. सुदर्शन रेड्डी विपक्षी गठबंधन INDIA के उम्मीदवार थे।
चुनावी समीकरण और राजनीतिक गणित
इस उपराष्ट्रपति चुनाव में BRS और BJD ने दूरी बनाए रखी। राज्यसभा में BRS के 4 और BJD के 7 सांसद हैं। शिरोमणि अकाली दल के इकलौते सांसद ने पंजाब में बाढ़ की स्थिति का हवाला देकर वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया।
वहीं वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के 11 सांसदों ने पहले ही NDA उम्मीदवार का समर्थन घोषित कर दिया था, जिसने परिणाम को और मजबूत कर दिया।
क्या है संदेश?
इस नतीजे ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि राष्ट्रीय राजनीति में एनडीए का दबदबा कायम है। विपक्षी गठबंधन INDIA की कोशिशें और व्यापक प्रचार-प्रसार के बावजूद एनडीए उम्मीदवार को स्पष्ट बहुमत मिला।
सीपी राधाकृष्णन की जीत न केवल एनडीए के लिए मनोबल बढ़ाने वाली है, बल्कि आगामी लोकसभा चुनाव 2029 से पहले इसे विपक्ष के लिए एक राजनीतिक चेतावनी के तौर पर भी देखा जा रहा है।
स्पष्ट है कि संसद में एनडीए की संख्या बल और सहयोगी दलों के समर्थन ने राधाकृष्णन की जीत को सुनिश्चित किया। अब देश की निगाहें नए उपराष्ट्रपति पर होंगी, जिनसे संसद संचालन और उच्च सदन की गरिमा बनाए रखने की बड़ी उम्मीदें जुड़ी हुई हैं।

