कम्यूनिटी पुलिस के संयोजक और नौजवानों की एक बड़ी टीम ने बेहतरीन तरीके से भीड़ और यातायात नियंत्रण का काम किया
सोनपुर। वर्ष 2008 में शुरू हुई कम्यूनिटी पुलिस अपनी कार्यशैली से और स्वयंसेवक, बग़ैर वेतन काम करने वाले नौजवानों की टोली मेला घूमने आए लोगों के चेहरे पर मुस्कान बिखेर देती है। इसबार सोनपुर मेला में समय-समय पर सामुदायिक पुलिस ने गोष्ठी आयोजित कर बड़े तौर पर यातायात नियंत्रण के साथ सड़क, सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करने का काम किया है। अपनी गोष्ठी में उन्होंने लोगों को बताया कि किस प्रकार से पूरे भारतवर्ष में मोटरसाइकल, गाड़ियों से प्रत्येक घंटा प्रत्येक मिनट और प्रत्येक सेकंड में तीन लोगों की मृत्यु होती है। सड़क सुरक्षा से संबंधित सभी विषयों से अवगत कराते हुए सड़क, सुरक्षा, यातायात की एक बड़ा पहल किया है।
कम्युनिटी पुलिस के कार्यकर्ताओं ने सड़क सुरक्षा के लिए जो काम किया है वह अपने आप में एक मार्गदर्शन काम करेगा। सामुदायिक पुलिस के संयोजक राजीव मूनमून ने बताया कि इसबार उनके साथ 300 से अधिक स्वयंसेवक है, जिसमें वरीष्ठ नागरिक भी संरक्षक मंडल में शामिल है। ये सभी मेला में दूर-दूर से आने वाले यात्रियों को ट्रैफिक के संबंध में जानकारी दे रहे है और साथ ही कई स्थानों पर ट्रैफिक को नियंत्रण करने में भी अपनी महती भूमिका निभा रहे है।
सोनपुर अनुमंडल अधिकारी ने भी सार्वजनिक तौर से इनके कार्यकलापों को सराहा है और कम्यूनिटी पुलिस की पूरी टीम को बधाई दी थी। हाल फिलहाल दिशा की बैठक में भी जिलाधिकारी और उनके साथ जुड़े सभी अधिकारियों ने कम्यूनिटी पुलिस की अहम भूमिका पर, विशेष रूप से रोड सुरक्षा और यातायात सुरक्षा के बारे में तथा सामान्य भीड़ संचालन एवं व्यवस्था के बारे में किये गये कार्यो पर उन्हें बधाई दी थी। 25 नवम्बर को मेला की शुरूआत से ही हर कोने पर, हर स्थान पर आपको कम्यूनिटी पुलिस निरंतर आपकी सेवा में मिलेगी। चाहे बच्चे गुम हो गए हो, किसी को स्थान का लोकेशन लेना हो, किसी को गाइड करना हो या फिर सबसे भीड़ नियंत्रित करनी हो, इन सब में उनकी अहम भूमिका रही है जो बधाई के पात्र है।

