भगवानपुर स्थित डॉ० सी० वी० रमण विश्वविद्यालय के नए कुलाधिपति के रूप में प्रो० अरविंद चतुर्वेदी एवं नए कुलपति के रूप में डॉ० एम० एल० गौर नियुक्त हुए।
विदित हो कि श्री अरविंद चतुर्वेदी आईआईटी रुड़की से बैचलर आफ इंजीनियरिंग और एमबीए के साथ कौशल विकास, उच्च शिक्षा तथा अंतरराष्ट्रीय/घरेलू बाजारों में परिचालित परियोजनाओं के मार्फ़त 37 वर्ष का विशिष्ट अनुभव रखते है। पिछले ग्यारह वर्षों से दिल्ली में आइसेक्ट ग्रुप के राष्ट्रीय कार्यालय में निदेशक के रूप में पदस्थापित है एवं वें इस ग्रुप के वाइस प्रेसिडेंट भी है।
डॉ० एम० एल० गौर भारतीय कृषि अनुसंधान सेवा के 1986 बैच के मार्फत देश के प्रसिद्ध कृषि वैज्ञानिक रहें हैं। ज्ञात हो कि डॉ० गौर प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन एवं जल विज्ञान प्रौद्योगिकी में विशिष्ट पारंगत रखते हैं। उन्होंने अपनी निजी डॉक्टरी उपाधि आईआईटी रुड़की से 25 वर्ष पूर्व अर्जित की है। उनके 40 वर्ष के कार्य अनुभव में से 25 वर्ष भारत सरकार एवं 15 वर्ष गुजरात सरकार को समर्पित रहा है। उन्होंने देश के 6 राज्यों में कृषि अनुसंधान, शिक्षण एवं विस्तरण क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य संपादित किया है।
इस विशेष मौके पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें विश्वविद्यालय के नए कुलाधिपति का स्वागत प्रति-कुलपति डॉ० बसंत कुमार सिंह द्वारा पुष्पगुच्छ देकर किया गया। वहीं नए कुलपति का स्वागत विश्वविद्यालय कुलसचिव डॉ० ब्रिजेश सिंह द्वारा पुष्पगुच्छ देकर किया गया। इस मौके पर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलाधिपति प्रो० वी० के० वर्मा एवं पूर्व कुलपति डॉ० विमल कुमार शर्मा को प्रति-कुलपति द्वारा शौल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया एवं उनके द्वारा विश्वविद्यालय उत्थान के लिए किए गए कार्य का सराहना किया गया। इस अवसर पर आईसेक्ट विश्वविद्यालय समूह की कौशल आधारित स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी के कुलसचिव डॉ० सितेश कुमार सिन्हा की गरिमामय उपस्तिथि रही तथा उन्होंने अपने अनुभवों को भी साझा किया। विश्वविद्यालय कुलसचिव डॉ० ब्रिजेश सिंह ने पूर्व कुलाधिपति एवं पूर्व कुलपति के अनुभव एवं प्रयासों से विश्वविद्यालय के विकास में उनके योगदान के लिए आभार प्रकट किया।

Author: janhitvoice

