बेगूसराय बखरी में प्रथम दिन माता दुर्गा के महाआरती से पूजा की शुरुआत की गई
बेगुसराय जिले के बखरी प्रखण्ड में नवरात्रि के प्रथम दिन शैलपुत्री की पूजा अर्चना की गई । बखरी के प्रसिद्ध पुरानी दुर्गा मन्दिर शक्तिपीठ में माता का महाआरती प्रथम दिन शुरुआत की गई।
जिसमें अस्सी घाट वाराणसी के विद्वान पुरोहितों के द्वारा तीसरी बार बखरी -बाजार के माँ दुर्गा की महाआरती में पूजा अर्चना की गई महाआरती दौरान सैकड़ो श्रद्धालु माता का पूजा आराधना कर रहे थे। महाआरती बड़ी ही अद्भुत और मनोराम दृश से माता की पूजा आराधना की गई।
भारी संख्य में क्षेत्र लोगों ने हिस्सा लिया मनोरम दृश्य को देखकर लोगों का मनमोहित कर लिया। दरअसल बखरी बजार के प्रसिद्ध मंदिर कई वर्षों पुरानी अस्तित्व इस मंदिर में लोग अपनी मनोकामना मगते हेऔर उनकी मन्नत पूर्ण होती है। पहले सोना का मूर्ति था इनके वंशजो ने जबरन मूर्ति उठाकर लेकर चेलगे।
उसी समय भगवती सेवको को सपना दी मेरी मूर्ति को ले जाने दो निरंकार रूप में हूं पूजा करो तब से भगवती सिद्ध पीठ रूप में यहां स्थापित हो गई और जो भी लोग मनोकामना मांगने आते हैं उनकी मुराद माता पूरा करती है सिर्फ दशहरा में ही माता की मूर्ति स्थापित करके पूजा करके स्थापित करके पूजा करके विसर्जन कर दिया जाता है और नित्य दिन निरंकार रूप नहीं पूजा किया जाता है।
दशहरा पूजा में नवमी के दिन छागल का बलि प्रदान किया जाता है हजारों की संख्या में छागल का बाली प्रदान होता है संख्या के समय में भौंस का बलि प्रदान होता है। विजयदशमी के दिन राजपूत लोग अपना विजयादशमी मनाते हुए रात्रि में मूर्ति का विसर्जन कर दिया जाता है।