राहुल गांधी ने पढ़ा 10 संकल्पों का घोषणा-पत्र, तेजस्वी यादव बोले – “2005 से 25 बहुत हुए नीतीश”
पटना (बिहार)। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले INDIA गठबंधन ने पटना में बड़ा सियासी दांव खेलते हुए ‘अति पिछड़ा न्याय संकल्प योजना’ जारी की।
पटना के सदाकत आश्रम में आयोजित इस कार्यक्रम में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी और वाम दलों के वरिष्ठ नेता मंच पर मौजूद रहे।
खड़गे का नीतीश पर निशाना
कार्यक्रम की शुरुआत कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भाजपा और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर सीधा हमला बोलते हुए की। उन्होंने कहा – “यह संकल्प राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने मिलकर तैयार किया है और हमारी सरकार बनने पर इसे पूरी तरह लागू किया जाएगा।”
खड़गे ने नीतीश पर तंज कसते हुए कहा कि बिहार की राजनीति “आया नीतीश, गया नीतीश” पर अटकी है। उन्होंने राहुल और तेजस्वी को नसीहत दी कि जो नेता एक बार भाजपा के साथ चला गया हो, उसे दोबारा गठबंधन में नहीं लेना चाहिए। खड़गे ने आरोप लगाया कि नीतीश का बीजेपी के साथ जाना, मनुवादी राजनीति को बढ़ावा देना है।
राहुल गांधी के 10 संकल्प
इसके बाद राहुल गांधी ने मंच से 10 संकल्पों का घोषणा-पत्र पढ़ा और कहा कि यह दस्तावेज जनता के अधिकारों और न्याय की गारंटी है। उन्होंने भाजपा पर संविधान खत्म करने का आरोप लगाया और चेतावनी दी कि “आने वाले समय में इसका खामियाजा देश को भुगतना पड़ेगा।”
राहुल गांधी के 10 संकल्प इस प्रकार हैं:
1. अति पिछड़ा अत्याचार निवारण अधिनियम लागू करना।
2. पंचायत और नगर निकाय में पिछड़ा वर्ग का आरक्षण 20% से बढ़ाकर 30% करना।
3. आरक्षण की सीमा 50% से ऊपर ले जाने हेतु विधानमंडल से कानून पारित कर उसे संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल करना।
4. नियुक्तियों में Not Found Suitable प्रक्रिया को खत्म कर वैधानिक मान्यता देना।
5. अति पिछड़ा वर्ग सूची की गड़बड़ियों के निपटारे के लिए विशेष कमेटी का गठन।
6. एससी, एसटी, ओबीसी और अति पिछड़ा वर्ग के भूमिहीन परिवारों को शहरी क्षेत्रों में 3 डिसमिल और ग्रामीण क्षेत्रों में 5 डिसमिल जमीन उपलब्ध कराना।
7. निजी स्कूलों की आरक्षित सीटों का आधा हिस्सा अति पिछड़ा, दलित और जनजातीय बच्चों के लिए सुरक्षित करना।
8. 25 करोड़ रुपये तक के सरकारी ठेकों और सप्लाई वर्क में इन वर्गों को 50% आरक्षण देना।
9. निजी शैक्षणिक संस्थानों में भी आरक्षण लागू करना।
10. आरक्षण की देखरेख के लिए उच्च अधिकार प्राप्त प्राधिकरण का गठन करना, जिसमें बदलाव केवल विधानमंडल की अनुमति से हो।
तेजस्वी यादव का बड़ा बयान
सभा को संबोधित करते हुए राजद नेता तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार और भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने चेतावनी दी कि “नीतीश सरकार में जितने भी भ्रष्ट अधिकारी हैं, सत्ता बदलने पर उन पर कार्रवाई की जाएगी।”

तेजस्वी ने कहा कि मुख्यमंत्री के करीबी लोगों में दलित और अति पिछड़ा वर्ग की कोई भागीदारी नहीं है। उन्होंने नारा दिया – “2005 से 25 बहुत हुए नीतीश।”
तेजस्वी यादव ने यूपी की राजनीति का भी जिक्र किया और समाजवादी पार्टी के नेता आज़म खान का समर्थन करते हुए कहा कि उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाया जा रहा है, जो राजनीतिक प्रतिशोध का उदाहरण है।
चुनावी एजेंडा बनेगा ‘अति पिछड़ा न्याय संकल्प’
पटना से जारी यह ‘अति पिछड़ा न्याय संकल्प योजना’ बिहार चुनाव में INDIA गठबंधन का बड़ा एजेंडा मानी जा रही है। कांग्रेस और सहयोगी दलों का दावा है कि इस घोषणा से सामाजिक न्याय और सत्ता में पिछड़ों की भागीदारी सुनिश्चित होगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम बिहार की जातीय राजनीति में नया समीकरण गढ़ सकता है।
Author: janhitvoice











