PATNA : कल पटना में बिहार के राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर ने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चिकित्सा से जुड़े लोगों के समक्ष कहा “स्वास्थ्य सेवा को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निजी संस्था और डाक्टरों को आगे आकर काम करना चाहिए.”
राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर ‘विश्व फिजियोथेरापी दिवस’ के अवसर पर पटना के गुरूनानक भवन आयोजित कार्यक्रम के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे.इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि फिजियोथेरेपिस्ट को नई तकनीक अपनाकर मरीजों को गुणवत्तापूर्ण सेवा उपलब्ध कराना चाहिए। वे योग के साथ फिजियोथेरापी को मिलाकर उन्हें बेहतर सेवा दे सकते हैं। मरीजों को महसूस होना चाहिए कि फिजियोथेरेपी से उनकी तकलीफ दूर हो रही है।
राज्यपाल ने कहा कि फिजियोथेरेपी का क्षेत्र बड़ा एवं मरीजों के लिए काफी लाभदायी है। उन्होंने कहा कि फिजियोथेरेपिस्ट को सरकारी अथवा किसी अस्पताल में नौकरी की तलाश करने के बजाए स्वयं का क्लिनिक शुरू करने का प्रयास करना चाहिए। उन्हें स्वयं में आत्मविश्वास लाकर अपने भविष्य को सँवारने हेतु खुद आगे बढ़ना चाहिए।
राज्यपाल ने बिहार में फिजियोथेरापिस्ट की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि इस राज्य में फिजियोथेरापी की स्नातकोत्तर की पढ़ाई की व्यवस्था के संबंध में गंभीरतापूर्वक विचार किया जाना चाहिए।कार्यक्रम में बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, पटना के कुलपति डॉ॰ एस॰एन॰ सिन्हा, फिजियोथेरेपी के शिक्षकगण, विद्यार्थीगण एवं अन्य लोग उपस्थित थे।

Author: janhitvoice

