हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा का एनडीए में शामिल होना लगभग तय !
पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की आज की बैठक में हो सकता है ऐलान

महागठबंधन सरकार से समर्थन भी वापस लेगा हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा

पटना: बिहार पॉलिटिक्स में आज एक बड़ा फैसला आने वाला है। माना जा रहा है कि हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा आज एनडीए में जाने का फैसला लेगी। इतना ही नहीं हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा राज्यपाल से मिलकर महा गठबंधन सरकार से समर्थन वापसी की औपचारिकता भी पूरी करेगी। हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के इस निर्णय पर बिहार में राजनीतिक गहमागहमी बनी हुई है और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी कि हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के निर्णय पर सबकी निगाहें टिकी है क्योंकि इससे आने वाले बिहार पॉलिटिक्स का नया भविष्य तय होने वाला है।
दरअसल आज यानी सोमवार को ही पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के आवास पर हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक आयोजित की गई है। महागठबंधन की सरकार से अलग होने के बाद पार्टी की यह पहली बैठक है। पार्टी के शीर्ष नेताओं ने पहले ही इसकी घोषणा की थी कि पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर पार्टी अपनी नई रणनीति की घोषणा करेगी। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मंत्री संतोष सुमन राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। वहीं पार्टी के संरक्षक और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी भी इस बैठक में मौजूद रहेंगे। इनके अलावा इस बैठक में पार्टी के कोर कमेटी के सभी सदस्य, विधायक वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता गण मौजूद रहेंगे। कहा यह जा रहा है कि यह बैठक महज औपचारिकता ही है क्योंकि इस बैठक में हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा को एनडीए में शामिल होने का ऐलान ही करना है। पार्टी के इस फैसले के बाद पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी औपचारिकता पूरी करने के लिए राजभवन जा सकते हैं जहां राज्यपाल से मिलकर महा गठबंधन सरकार से समर्थन वापसी का पत्र सौंपेंगे।
इसके बाद भाजपा के शीर्ष नेताओं से मिलने के लिए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मंत्री संतोष सुमन और पार्टी के संरक्षक और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी दिल्ली रवाना हो सकते हैं। बताते चलें कि बीते मंगलवार को नीतीश मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था और आरोप लगाया था की मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उनकी पार्टी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा को जदयू में विलय करने का दबाव बना रहे थे जिसके चलते उन्हें नीतीश मंत्रिमंडल से इस्तीफा देना पड़ा। हालांकि बाद में इसकी पुष्टि जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष समेत दल के कई बड़े नेताओं ने भी की थी। ललन सिंह ने तो यहां तक कह दिया था कि जो लोग भी पार्टी के नाम पर छोटी-छोटी दुकानें चला रहे हैं उनको विलय करने के लिए कहां गया तो इसमें गलत क्या है। जिसके बाद हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा की ओर से पलटवार भी किया गया और कहा गया कि ललन सिंह ओछी बात कर रहे हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष सुमन ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि ललन सिंह ने जो कहा वह उनकी ओछी बयान है। संतोष सुमन का कहना है कि यह लोग उनकी पार्टी को खत्म करना चाहते हैं ऐसे में जो लोग हमें मिटाना चाहते हैं वह खुद मिट जाएंगे। हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा पर यह आरोप लगता रहा है यह पार्टी अपनी महत्वाकांक्षा को पूरा करने के लिए पाला बदलती रहती है और कहीं ना कहीं यह बातें सत्य साबित होती रही है क्योंकि यह पहली दफा नहीं होगा जब हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा एनडीए के साथ होगी। आरोप लगता रहा है कि जब महत्वाकांक्षा नहीं पूरी हुई तब जीतन राम मांझी महागठबंधन में शामिल हो गए थे लेकिन एक बार फिर वह एनडीए के साथ जाते दिख रहे हैं। जिससे बिहार पॉलिटिक्स में एक नई उत्तल पुथल की स्थिति बन गई है। अब बड़ा सवाल यह है कि यदि हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा एनडीए में जाने का फैसला लेती है तो एनडीए में उनको कितना तरजीह मिलता है या क्या एनडीए में शामिल होने पर हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा अपनी महत्वाकांक्षा को पूरी कर पाएगी। क्योंकि आने वाले 2024 में लोकसभा का चुनाव है और उसमें सीट शेयरिंग को लेकर एनडीए के बीच रस्साकशी होना भी तय है। ऐसे में बिहार पॉलिटिक्स की असली लिस्ट लिटमस टेस्ट 2024 का लोकसभा चुनाव ही है जब सभी पार्टियों के भविष्य तय होंगे।

जनहित वॉइस, बिहार डेस्क

janhitvoice
Author: janhitvoice

janhit voice
dental clinic

Share this post:

खबरें और भी हैं...

लाइव क्रिकट स्कोर

Weather Data Source: wetter morgen Delhi

राशिफल