रजत सुप्रीमो लालू प्रसाद के ताजा बयान से उनकी जमानत पर प्रभाव पड़ सकता है। हाईकोर्ट से लालू प्रसाद की मिली जमानत के खिलाफ सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी थी कि वह मेडिकल ग्राउंड पर जमानत लेकर पूरी सक्रियता के साथ बैडमिंटन खेलते नजर आ रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट में इस दलील से आगे सुनवाई की तारीख 17 अक्टूबर देकर लालू को राहत दे दी, लेकिन अब लालू ने जिस तरह से प्रधानमंत्री के नेट्टी या नरेठी (गर्दन का देसज शब्द) दबाने की बात कही है, उससे बिहार में राजनीतिक उफान आना तय है। भाजपा ने लालू के इस बयान के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर कराने की बात कही है। कानून के जानकारों के अनुसार लालू की सक्रियता से जुड़े सबूतों में ऐसे बयानों को ‘ऊर्जावान’ व्यक्ति की टिप्पणी के रूप में दर्ज कराया गया तो लालू की जमानत रद्द करने को लेकर भी सुप्रीम कोर्ट गंभीर हो सकता है।
जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि लालू प्रसाद का यह बयान राजनीतिक संदर्भ में दिया गया बयान है।
मुंबई रवाना होने से पहले जब लालू प्रसाद ने इस तरह देश के प्रधानमंत्री पर हमला बोला तो सियासत गरमा गई है। भाजपा उनके इस बयान का विरोध कर रही है। भाजपा का कहना है कि लालू प्रसाद देश के प्रधानमंत्री का अपमान कर रहे हैं। देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ यह बयान अशोभनीय है।

Author: janhitvoice

