30 अगस्त से एशिया कप शुरू होने वाला है. मुल्तान में बुधवार से शुरू होने वाले एशिया कप में भारत और पाकिस्तान के बेताब दर्शकों को दोनों देशों के बीच तीन महामुकाबले देखने को मिल सकते हैं जबकि पांच टीमों को विश्वकप से पहले अपने खिलाड़ियों के प्रदर्शन को देखने का अंतिम मौका भी मिलेगा। यह ऐसा टूर्नामेंट है जो अकसर पिछले एक दशक में द्विपक्षीय मुकाबलों की बढ़ती संख्या और वनडे क्रिकेट की घटती लोकप्रियता में प्रासंगिक बनने के लिए जूझता रहा है। लेकिन इस बार यह सभी टीम के ‘थिंक टैंक’ का अहम हिस्सा दिख रहा है। पहला मैच बुधवार को पाकिस्तान और नेपाल के बीच खेला जाएगा। नेपाल की टीम किसी भी प्रारूप में पाकिस्तान से पहली बार खेलेगी। विश्वकप पांच अक्तूबर से शुरू हो रहा है जिससे पहले यह नेपाल को छोड़कर अन्य पांच टीमों के पास खिलाड़ियों को लेकर चल रहे कुछ सवालों के जवाब ढूंढने का अंतिम मौका होगा। हालांकि वैश्विक टूर्नामेंट से पहले कुछ द्विपक्षीय और अभ्यास मैच कराए जाएंगे। लेकिन श्रीलंका और पाकिस्तान में खेले जाने वाले एशिया कप से सभी टीम को कई देशों के टूर्नामेंट का माहौल मिलेगा जो करीब-करीब विश्वकप जैसा होगा। भारतीय टीम सात बार के चैंपियन के तौर पर एशिया कप में उतरेगी जो किसी भी टीम के सर्वाधिक खिताब हैं लेकिन टीम की प्राथमिकता आठवां खिताब अपनी झोली में डालने की नहीं होगी बल्कि मुख्य कोच राहुल द्रविड़ और कप्तान रोहित शर्मा विश्वकप से पहले बल्लेबाजी क्रम के कुछ स्थानों पर खिलाड़ियों के प्रदर्शन को देखना चाहेंगे। अगर टीम ट्रॉफी जीत लेती है तो यह खिलाड़ियों के मनोबल के लिए फायदेमंद रहेगा।

Author: janhitvoice

