बिहार विधानमंडल का शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है। बिहार की राजनीति में यह सप्ताह इसी सत्र के हंगामे को समर्पित होगा। पांच दिवसीय सत्र के पहले दिन सोमवार को औपचारिकताओं के साथ हंगामा संभव है। असल हंगामा मंगलवार को होने की आशंका है, जब बिहार की महागठबंधन सरकार अपनी घोषणा के अनुसार बिहार में जाति आधारित जनगणना की पूरी रिपोर्ट सदन में पेश करेगी।
जातीय जनणगना की रिपोर्ट जारी किए जाते समय ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा था कि आर्थिक सर्वे के साथ जातीय गनणा की रिपोर्ट को विधानमंडल के पटल पर रखा जाएगा। सत्र से एक दिन पहले बिहार आए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस रिपोर्ट को गुमराह करने वाला बताया था। उन्होंने कहा था कि लालू प्रसाद के दबाव में सीएम नीतीश कुमार ने इस सर्वे में यादवों और मुसलमानों की संख्या ज्यादा दिखाई है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार विधानमंडल के शीतकालीन सत्र से एक दिन पहले मुजफ्फरपुर में सभा के दौरान इसके आंकड़ों पर सवाल उठाया था। संभव है कि मंगलवार को सरकार ऐसे सारे सवालों का जवाब शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन दे।

Author: janhitvoice

