22 जून 2023 को बिहार की राजधानी पटना में शुभारंभ हुआ. राजधानी स्थित ज्ञान भवन में आयोजित श्रम 20 सम्मेलन का शुभारंभ बिहार के महामहिम राज्यपाल श्रीराजेंद्र विश्वनाथ आरलेकर जी के करकमलों से हुआ.
इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा की आज के इस कार्यक्रम में मैं आप सभी का स्वागत करता हूँ. मैं आज आप सभी को बिहार की धरती में देखकर गौरवान्वित हूँ. विश्व के 28 देशों के प्रतिनिधि यहाँ उपस्थित हैं. यह 75 प्रतिशत जनसंख्या का प्रतिनिधित्व करते हैं. मित्रों बिहार का हज़ारों साल पुराना ऐतिहासिक गौरव है. यह ज्ञान की धरती है. यहाँ स्थित नालंदा विश्वविद्यालय में हज़ारो साल पहले विश्व कोने कोने से लोग ज्ञान अर्जित करने आते थे. वैशाली लोकतंत्र की जन्मभूमि है. मेरा आप सभी से निवेदन है. आप अवसर मिले तो यहाँ अवश्य जाएं. इस मौके पर राज्यपाल ने कहा की आज ज़रूरत मानवीय मूल्यों को महत्व देने की है. यदि मानवीय मूल्य से हम ओतप्रोत हो जाएं तो श्रम जगत ही नहीं पूरा सामाजिक व आर्थिक, राजनीतिक जीवन सुदृढ़ होगा.
इस अवसर पर अपने संबोधन में L -20 के अध्यक्ष श्री हिरणम्य पंड्या जी ने विश्व के अलग अलग हिस्सों से आए श्रम जगत के प्रतिनिधियों का स्वागत किया. उन्होंने कहा की ” यह बिहार ही नहीं पूरे भारत और श्रम जगत से जुड़े प्रतिनिधियों के लिए गर्व का क्षण है.
मै यहाँ कहना चाहूंगा की श्रम-20 सिर्फ जी-20 के प्रतिनिधि देशों की आवाज़ नहीं बनेगा बल्कि हर उस देश और वर्ग की आवाज़ सुनाई देगी जो यहाँ उपस्थित नहीं हैं.”
इंडोनेशिया के प्रतिनिधि अहमद ने कहा की हमें आपने आमंत्रित किया इसके लिए मैं आप सभी का आभारी हूँ. विश्व का अर्थतंत्र हमारी अपेक्षाओं से कहीं अधिक तेजी से बदल रहा है. ऐसे में हमें संसाधनों के बेहतर प्रबंधन के लिए सामाजिक संवाद बढ़ाना होगा.
ब्राजील के प्रतिनिधि मैडम रूथ ने इस मौके पर कहा की दुनिया भर की सरकारें श्रमिक यूनियनों और उनके प्रस्तावों को प्राथमिकता से संज्ञान में ले रही हैं. सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक स्वतंत्रता आपस में अंतर्निहित हैं. श्रम जगत में एकता आज सबसे बड़ी आवश्यकता है. ब्राजील में अगले साल आयोजित होने वाले G-20 के आयोजन के लिए आप सभी आमंत्रित हैं. मैं विश्वास दिलाती हूँ की वहाँ हम एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य के मंत्र को साकार करने की दिशा में एक कदम और बढ़गे.
Author: janhitvoice











