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डीजी शोभा अहोतकर पर अपने अधिकारियों से बदसलूकी,गालीगलौज के साथ अब घोटाला के आरोप

होमगार्ड एंड फायर सर्विसेज की डीजी शोभा अहोतकर पर अपने अधिकारियों से बदसलूकी और गालीगलौज के साथ अब घोटाला के आरोप लगे हैं.गाली-गलौज और मानसिक प्रताड़ना के आरोप इससे पहले डीआईजी विनोद कुमार और आईजी विकास वैभव ने भी लगाए थे.और अब होमगार्ड की महिला डीआईजी अनुसूइया रणसिंह साहू ने गंभीर आरोप लगाते हुए सरकार के अधिकारियों को त्राहिमाम संदेश लिखी है.अनुसूइया ने आरोपों के साथ प्रमाण भी लगाए हैं।अनुसूइया अभी बीमार हैं और इलाज करवा रही हैं.

होमगार्ड की डीआईजी अनुसूइया रणसिंह साहू ने अपना त्राहिमाम संदेश राज्य के मुख्य सचिव को लिखा है और इसकी कॉपी गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव, बिहार के पुलिस महानिदेशक, गृह विभाग के विशेष सचिव और गृह विभाग के सचिव को भी भेजा है.इस त्राहिमाम संदेश में अनुसूइया ने लिखा है कि “गृह रक्षा वाहिनी एवं अग्निशमन सेवाएं के डीआईजी के रूप में योगदान देने के 15 दिनों तक डीजी शोभा ओहटकर से उनके संबंध बेहद मधुर थे। फिर, डीजी ने लगभग 15 फाइलें समीक्षा के लिए दीं। इनकी गहन समीक्षा के दौरान अग्निशमन वाहनों की खरीददारी से संबंधित टेंडर की फाइल में कुछ गड़बड़ी नजर आयी तो बिहार सरकार के वित्त विभाग के सलाहकार एवं जेम पोर्टल के नोडल अफसर से इस पर मंतव्य लिया।मंतव्य से पुष्टि हो गई कि करीब साढ़े छह करोड़ का घोटाला है।इस गड़बड़ी की जानकारी डीजी को उन्हौने दी.इसके बाद डीजी का व्यवहार बदल गया.इस विषय में वित्त विभाग के सलाहकार से मंतव्य लेना मेरे लिए खतरनाक साबित हुआ।”

13 पेज के त्राहिमाम संदेश पत्र में डीआईजी अनुसूइया रणसिंह साहू ने लिखी है कि मुझे परेशान किया जा रहा है.पत्र में यह भी कहा गया है कि हमने अपने स्थानांतरण के लिए भी गृह विभाग को पत्र लिखा था.पत्र में टेंडर संबंधी भी कई सवाल उठाए गए हैं और पूरे मामले में पारदर्शिता पर भी सवाल उठाया गया है. पत्र में यह भी कहा गया है कि मुझे पता है कि इस पत्र के लिखने के बाद भी हमसे फिर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा. पत्र में यह भी कहा गया है कि अपनी जान बचाने के लिए संविधान में दिए गए अधिकार का मैं उपयोग किया है.इसलिए मैंने इन सब बातों को सामने लाया है.

गौरतलब है कि पूर्व में आईजी के पद पर पदस्थापित आईपीएस अधिकारी विकास वैभव से भी शोभा आहोतकर का विवाद काफी सुर्खियों में आया था और बाद में विकास बैभव का तबादला कर दिया गया था.डीआईजी विनोद कुमार ने भी मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था.डीआईजी विनोद कुमार और आईजी विकास वैभव की शिकायत के बाद बिहार की नीतीश सरकार ने डीजी शोभा अहोतकर पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं की थी और शिकायकर्ता की ही दूसरे विभागों में तबादला कर दिया गया था.अब एक महिला डीआईजी ने घोटाला का पर्दाफाश करने पर अपने डीजी शोभा अहोतकर पर मानसिकर रूप से प्रताड़ित करने और गाली-गलौज का आरोप लगाया है.अब देखना है कि नीतीश सरकार पहले की तरह ही शिकायतकर्ता का ही तबादला कर देती है और फिर डीजी शोभा अहोतकर के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई करती है.

Author: janhitvoice

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