PATNA : जनता दरबार के लाईव प्रसारण से सुशासन की बार-बार पोल खुल रही थी. एक ही शिकायत लेकर फरियादी बार-बार मुख्यमंत्री के पास पहुंच रहा था. जिससे सरकार की भारी फजीहत हो रही थी. शायद यही वजह है कि लाईव प्रसारण से ऑडिय़ो को गायब कर दिया गया है. न मिलेगी आवाज और न खुलेगी जनता दरबार की पोल.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जनता के दरबार में फरियादियों की शिकायत सुन रहे. सितंबर महीने का यह दूसरा जनता दरबार है. आज समाज कल्याण, शिक्षा समेत अन्य विभागों की समस्या को लेकर फरियादी सीएम नीतीश कुमार के पास पहुंचे हैं.
समस्या सुनकर अधिकारियों को फोन कर आवश्यक निर्देश दे रहे. लेकिन सिस्टम की लापरवाही ऐसी कि बिना आवाज के ही मुख्यमंत्री का दरबार लाईव किया जा रहा. कभी-कभी आवाज सुनाई पड़ रहा, फिर म्यूट कर दिया जा रहा. मुख्यमंत्री जब फोन से अधिकारियों को निदेश देते हैं, उस वक्त तो आवाज को पूरी तरह से बंद कर दिया जा रहा.
अब यह सरकार के निर्देश के बाद हो या निचले स्तर की लापरवाही है, यह तो मुख्यमंत्री सचिवालय के अधिकारी ही बता सकते हैं. लेकिन इसे देखकर ऐसा लग रहा कि अब जनता दरबार सिर्फ दिखावे का रह गया है. दरबार और अधिकारियों की बार-बार पोल खुल रही थी,लिहाजा लाईव ऑडियो ही बंद कर दिया गया.

Author: janhitvoice

