पटना: “अब एक ही ग्राहक एक पहचान पत्र के आधार पर नहीं ले पाएंगे कई बार सिम कार्ड, और सामाजिक तत्वों के मोबाइल का आईएमईआई को निष्क्रिय कर मोबाइल को ही कर दिया जाएगा बंद”””,-मानवजीत सिंह ढिल्लों डीआईजी अपराध आर्थिक अपराधिकारी
आर्थिक अपराध इकाई के डीआईजी मानवजीत सिंह ढिल्लों ने आज प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि “एक ही ग्राहक अपने आधार कार्ड को दिखाकर कई सिम कार्ड बना लेते हैं पैसे में एक ही ग्राहक के पास साल भर में लगभग 50 सिम कार्ड बनाए जाते हैं पैसे में किसी अपराधी प्रकृति के लोगों के पास एक ही पहचान पत्र होने से उसके आधार पर कई सिम कार्ड बनाए जाते हैं उसे सिम कार्ड का उपयोग कर आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने के बाद सिम को फिर से तोड़कर दूसरा सिम निकाल कर मोबाइल में लगा देते हैं और फिर से सामाजिक काम में जुड़ जाते हैं, चाहे वह अपराध किसी लड़की की छेड़छाड़ से जुड़ी हो या किसी को धमकी देने की हो, ऐसे में साइबर अपराधों में कब सम्मिलित अपराधियों के विरुद्ध ठोस एवं कारगर कार्रवाई के तहत उसके मोबाइल एवं सिम को बंद करने की प्रक्रिया में मा 2023 से ही शुरू हो गई है जिसमें बिहार एवं अन्य राज्यों के अपराध कर्मियों का मोबाइल नंबर एवं सिम को ब्लॉक किए जाने के लिए आर्थिक अपराधी इकाई के स्तर से अब तक कुल 6187 सिम को ब्लॉक करने का प्रस्ताव भेजा गया है, इसमें अब तक 3927 सिम को ब्लॉक किया गया है, अगस्त माह से मोबाइल का आईएमईआई निष्क्रिय करने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है, इसमें अब तक 775 आईएमईआई को निष्क्रिय करने का प्रस्ताव भेजा गया है जो अभी प्रक्रिया में है, आईएमईआई निष्क्रिय करने के बाद अगर कोई सामाजिक तत्व अपने मोबाइल में सिम लगाएंगे भी तो वह मोबाइल ही काम करना बंद कर देगा,
वही इन्होंने यह भी बताया कि कोई भी रिटेलर किसी कंपनी का सिम कार्ड एक से अधिक बेचता है और अगर वह फर्जी पाया जाता है तो वह रिटेलर जिस कंपनी का भी हो उसके एरिया मैनेजर पर कार्रवाई भी की जा सकती है,

Author: janhitvoice

